Sunday, October 28, 2018

भारतीय मानक ब्यूरो क्या है पूरी जानकारी

भारतीय मानक ब्यूरो क्या है BIS (Bureau of indian standards) की पूरी जानकारी। हमारे ब्लॉग सोने के भाव में हमने गोल्ड के बारे में बहुत सी जानकारी दी। जिसमे पिछली कुछ पोस्ट में हॉलमार्क गोल्ड की पहचान कैसे करनी है और गोल्ड चेक करने के तरीको के बारे में बताया था। जिसमे हमने बताया था की हॉलमार्क गोल्ड का पूरा काम भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा किया जाता है। तो आज की पोस्ट में हम BIS के बारे में ही बात करने वाले है।भारतीय मानक ब्यूरो क्या है पूरी जानकारी

भारतीय मानक ब्यूरो क्या है

  • 1947 की आज़ादी के बाद भारत में बहुत से नियमो की रचना की गयी थी जिसमे से एक थे भारतीय उत्पादकों के नियम। यह नियम द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो उत्पादकों का माननीकरण, गुणवत्ता चेक किया जाता था।
  • यानी की अगर किसी कंपनी ने कोई उत्पाद (product) बनाया है तो सबसे पहले उसे BIS द्वारा चेक किया जाता था। अगर BIS को सब ठीक लगे तो वह प्रोडक्ट को एक वेरीफाई प्रोडक्ट का चिन्ह देता।
  • इसी तरह भारतीय मानक ब्यूरो का विकास होता गया और 1987 में यह पूरी तरह से कार्यरत हो गया जिसमे सोने को चेक करने का नियम भी आ गया था जिसे कोई ग्राहक को लूट ना सके।

BIS कैसे काम करता है

  • गोल्ड बिज़नेस में कुछ BIS Verified व्यापारी होते है जो अपने प्रोडक्ट को BIS के पास ले जा कर उनसे चेक करवाके हॉलमार्किंग के 5 निशान पा लेते है। यह 5 हॉलमार्क निशान आ जाने के बाद कोई भी ग्राहक सोने को पुरे विश्वास के साथ खरीद सकता है क्यों की इसे भारतीय मानक ब्यूरो ने verified किया होता है।
  • BIS के कुछ नियम होते है जिनको पढ़ कर जेवेलर उनके पास आता है खुद को उन नियमो द्वारा verified करवाता है और फिर वह अपने प्रोडक्ट को भी वेरीफाई करवा लेता है।
  • इस तरह BIS को कही जाना नहीं पड़ता, जिसको भी अपना बिज़नेस बड़ा करना है वह सारे जेवेलर ईमानदारी से BIS के पास आ जाते है और अपने वेरिफिकेशन करवा लेते है।
  • अगर आप सोना खरीद रहे हो और हॉलमार्क गोल्ड की पहचान करना चाहते है तो यह पोस्ट पढ़ सकते है - हॉलमार्क गोल्ड की पहचान कैसे करे !

भारतीय मानक ब्यूरो चिन्हो की जानकारी

ऐसा नहीं की भारतीय मानक ब्यूरो सिर्फ गोल्ड वेरिफिकेशन के लिए काम करता है इसमें और भी दूसरे वेरिफिकेशन के काम और उनके निर्धारित चिन्ह है जिनकी जानकारी निचे शेयर कर रहा हु।
  1. आईएसआई चिन्ह (ISI) : इसका उपयोग औद्योगिक उत्पादों पर किया जाता है.
  2. एफपीओ चिन्ह (FPO) : इसका उपयोग भारत में प्रसंस्कृत सभी फल उत्पादों पर किया जाता है. यह प्रमाणित करंता है की उत्पाद स्वच्छ “खाद्य- सुरक्षित’ वातावरण में विनिर्मित किया गया है.
  3. एगमार्क (Agmark) : इसका उपयोग सभी खाद्य कृषि उत्पादों पर किया जाता है.
  4. भारत स्टेंज (II, III, IV चिन्ह) : इसका उपयोग भारत स्टेज उत्सर्जन के अनुसार विनिर्मित ऑटोमोबाइल वहनों पर यह प्रमाणित करने के लिए लगाया जाता है की यह वाहन इस सीमा तक प्रदुषण नही फैलता है.
  5. बीआईएस हॉलमार्क : इसका उपयोग स्वर्ण आभूषणों की परिशुद्धता को प्रमाणित करता है.
  6. इण्डिया आर्गेनिक : इस का उपयोग ऐसे कृषि खाद्य उत्पादों को प्रमाणित करने के लिए किया जाता है जो ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स 2000 के मानको के अनुसार उत्पादित किये जाते है.
  7. ईकोमार्क (Eco Mark) : भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा ऐसे उत्पादों को दिया जाता है जो प्रदूष्ण मुक्त है या वातावरण को प्रदूषित नही करते है।
आशा करता हु की इस पोस्ट के द्वारा आपको भारतीय मानक ब्यूरो की पूरी जानकारी मिल गयी होगी। मिलते है अपनी नेक्स्ट पोस्ट में तब तक टेक केयर।

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